हेलो मार लै, आवैगी मैय्या सिंह चढ़ कै, हेलो मारलै…..
बैठय्या शरण मांहिं, माथो अपणो टेक के । भागी आसी गलै लगासी -2, सेवक देख के ।।
हेलो मारलै….
सगलां नै सम्भालै मैय्या, थांनै भी सम्भाल सी टाबर भौला मैय्या स्याणी – 2, आफत टालसी
हेलो मारलै.
ऐसे बोले वैसे बोलै, क्याणै दीदो खोवै रे साँचे मन सं क्यू ना मां क, आगे रोवै रे
हेलो मारलै.
मैय्या थां पर किरपा करसी, सुख सावण बरसा सी रे अर्जी पर बा मर्जी करसी – 2, धट-धट वासी रे
हेलो मारलै……
सुण लेसी दातार इक दिन, मन न काठो करले रे। भक्त मण्डल मैय्या मैय्या, नाम रटले रे।।
हेलो मारलै….. (लय/ बनो म्हारो re ओ हरिय रुमाल वालो re )