(तर्ज : धमाल)
ओ हो ओसियां (मोरखाना)चालो रे साथीड़ा मां के धाम चालां रे, ओसियां( मोरखाना)चालां रे । ओ हो धाम तू चालै रै, मां के धाम चालां रे।। ओसियां (मोरखाना)चालां रे ।।
सोने रै सूरज री शोभा, सांचल मुख दीपायो रे । रतन सिंहासन मात बिराजै, देवा चंवर दुलावै रे। हो SSS चौसठ जोगनी बावन भैंरू रास रचावे रे ।।
ओसियां.(मोरखाना)
थारे तो दरबांरा माजी, बहना घूमर घाले रे । झालर झांझ नगारा बाजे, घुंघरू छम छम बाजे रे । हो ऽऽऽ अमृत रस बरसै दरबारां, देवा तरसै रे ।।
ओसियां.(मोरखाना) और
अम्बर तपतो रेतो बलतो, पर हिम्मत नहीं हारा रे। जयकारा, कदम बढ़ावां, ठण्डी आवे लहरां रे । हो SSS काया राची मां तू सांची, तेरो भरोसो रे ।।
ओसियां.(मोरखाना)
हाथ धरो भक्तों रे माथे, चरण शरण में राखीज्यों। तूं निर्माता सकल जगत री, आंचल ओटां राखीज्यो। तन मन वांरा चरणा थांरा, “सच्चियां मण्डल” गावै रे ।। ओसियां.(मोरखाना)