Teri Jyot Jagayenge,

तर्ज : सौ बार जन्म लेगें
तेरी ज्योत जगायेगें, तेरी महिमा गायेगें। ऐ ओसियां वाली मां, हम तुम को मनायेंगे ।। तेरी ज्योत …
तुम कितनी दयालु हो, ये सबने बताया है । जिसे दुनिया ठुकरादे, गले उसको लगाया है । हमको भी अपना ले, यहीं मां हम चाहेंगें ।। तेरी ज्योत …
विपदा में जब हमने, मां तुझको पुकारा है । हम दूर नहीं तुमसे, एक तेरा सहारा है । अब तूं ही बता दे मां, तुझे कैसे पायेगें ।। तेरी ज्योत …
ये कैसी उदासी है, तेरे भक्तों पे छाई है । तुम दूर बैठी हमसे, ये कैसी जुदाई है । अरमान बड़े लेके, तेरे द्वारे आयेगें ।। तेरी ज्योत
तुम अन्तर्यामी हो, क्या बात छिपाऊँ मैं। जी चाहता है मैय्या, भजन तेरा गाऊँ मैं । तेरी माला जपुंगा मैं, दुख हम नहीं पायेगें ।। तेरी ज्योत …
हसरत है “भक्त” की मां, तेरे दर पे आऊं मैं। कोई ओर नहीं मेरा, किसके दर जाऊँ मैं । बुझेगी प्यास मेरी, दर्शन तेरा पायेगें ।। तेरी जोत

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