मायरा गीत, विवाह गीत
यदुवंशी राजा को सो कुटुम्ब कबीलो -2
वृदांवन सा पीहर सुख धाम
वसुदेव सरीखा तात, यशोदा सी मात
सिर पर राखे हाथ, मधुसुदन सा जामण जाया वीर एजी राज र
चांद कुंवर सो बड़ बीरो, लाला विचलो है हीरो-2
भावज रुकमण सीं है चित चोर, रंगरूपाली सी गणगौर उगतोडी सी भोर,
चंदा वरणी ओढ़े दिखणी रो चीर, ऐजी राज
लाडेसर मझलो भाई, कोड करे जामन जाई-2,
बाबुल घर फूल्यो फूल गुलाब, भावज राधारानी दिन दिन चढ़ती धूप, नेह ननद रो जाण सरोवर नीर
छोटो भाई मनभावे बाई नित लाड लगावे -२ हिवडे में उमडे हेत अपार, चन्द्रकिरण भावज सुकुमार ,चंदा रे उणियार, पीहर म्हारो गंगा जमुना तीर एजी राज
प्यारा भतीजा म्हारा, चढ़ते सूरज उनियारा, भुवा लडावे कर बाह
जुग-जीओ वर्ष हजार, अणहृद उमड़े प्यार ,बीरा रे घर आगण गंगा जल नीर एजी राज
थारी भाणेजी रो ब्याव मंडयो है बीरा-2
बाई थारी नूतण आई भात, गुड़ की भेली में चावल साथ, करकर लम्बा हाथ ,चुनड़ी ओढ़ाई, भात,भराय ऐजी राज