(लय- मेरी लगी श्याम संग प्रीत दुनिया क्या जाने)
मै कहाँ बिठाऊ राम, कुटिया छोटी सी ,छोटी सी, हाँ छोटी सी-२
मै कहाँ बिठाऊ राम कुटिया छोटो सी,
मुझे सुबह से हो गई शाम, कुटिया छोटी सी
गंगा से मै जल ले आऊ- २जल से तुम्हारे चरण धुलाऊ – 2, तुम चरण, तुम चरण धुलांलो राम कुटिया छोटी सी
वन से मै भूसा ले आऊ-२, भूसा लाकर आसन बनाऊ क तुम आकर , आकर के बैठो राम, कुट्यिा छोटी सी
बागो से मै फूल ले आऊ-2 फूलो से मै हार बनाऊ-2
तुम गले में, तुम गले में पहनो राम-2 कुटिया छोटी सी
जंगल से मै बेर ले आऊ-2, बेरो का मै भोग बनाऊ 2 मेरा भोग ,मेरा भोग करो स्वीकार, कुटिया छोटी सी
या क्या जाने)