भजन
(लय – यूही कोई मिल गया था सरे राह चलते -2)
सांसो का क्या भरोसा- २ रुकजाये चलते चलते -2
जीवन की है जो ज्योति -२ बुझ जाये जलते जलते 2
सांसों का क्या भरोसा —
-जीवन है चार दिनका -2 दो दिन की हैजवानी-2
जब आयेंगा बुढापा -२थक जाये चलते चलते
सांसो का क्या भरोसा-2 रूक जाये चलते चलते
समझा न तू इशारा -इसका ना तू समझा
वो तेरी बात बिगड़े-2 हर बात बनते बनते
सांसो का क्या भरोसा थक जाये, चलते चलते- 2
जीवन की है जो ज्योति-2, बुझ जाये जलते जलते 2