Biro Bhat Bharan Aayo

  ( लय -म्हान जमना जीरो पाणी ,म्हान सिरियारी रो संत)

बीरो भात भरणन आयो म्हारो राख्यो मान सवायो
जामण बायो म्हान आंखडल्या रो, तारो लागे
 म्हान भैया रो परिवार प्यारो प्यारो लागे 
म्हाने बाबुल रो परिवार–
बीकानेर से बनी चुनड़ी जोधाने रंगवाई जी 
कोटा-बूंदी छाप छापिया, जैपरियै, मढवाईजी 2
म्हान तारा स्यू चमक्योड़ी, हीरा मोतया सू मढ़ियोड़ी 
चम चमचमके ज्यु चंदा रो चांदणियो लागे
 म्हात बाबुल से परिवार प्यारो 2 लागे -2
 सोनो लायो चांदी लायो औरजरी का थान् जी
रखड़ी हार गजब को लाया
 पेरी ओढ़ी बाई फूला को सो भारो लागे
म्हाने बाबुल को परिवार 

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