छुप जाई रे चंदा बा दल में
छुप जाई रे चंदा बादल में -२ पिया की नजर मेर काजल में -२
थोड़ी नेड, नेड आज्या गौरी फागण में मेरी रे निजर तेर काजल में
या चुनड़ी तो मेर पियरीय सु ल्यायी -२ कोई रंग देई रसियो फागण में
पिया की नजर —–
चुनड़ी मंगा दू गौरी, लेहरियो रंगा दू ए ,कोई गोटो लगा दू थारी चुनड़ी में
आ नथली तो म्हारे पियरिया सु लय्यायी -२ कोई तोड़ गेरी रसियो फागण म
पिया की नजर ——
बोरलो घड़ा दू गौरी नथली पुआ दु कोई मौतीडा पुआ दू थारी नथली मे
मेरी रे नजर तेर काजल ——
यो लहंगो तो मेर पियरीय सु लायी -२यो तो पीलो पड़ गयो फागण में
पिया की नजर ——
साठ कली को गौरी घाघरो सिलाद्या -२ कोई छम छम नाचो मेर आगन में
मेरी रे निजर तेर काजल में —–