(लय-थोड़ा सा प्यार हुआ है थोड़ा है बाकी)
औढणी(चुनड़ी )औढो बाई, लाया है थारा भाई
कृष्ण बन बीरा आया -2 रुक्मणी सी भोजाई -२
१ भाईतेरे आज है आये, संग में खु खुशियां लाए
तेरे बचपन की कितनी यादे साथ लायें
चेहरा थोडा बदला है-2 मन में है प्यार वही
२ गाजे बाजे से आया, केसरिया पाग बंधाया
प्रीत री रीत निभाने आया है जामण जाया
प्रेम री गंगा बेवे, देख मायड़ हरसाई-२
शुभ बेला है आई ,चूनड़ औढावेभाई
नेणास्यू मोती टपके टीको काढ़े जद बाई
३ गांव कीसौंधी खुशबू और टेढ़ी सी डगरिया
वोझूले सावन के और झूलती मेरी सहेलियां
तेरे मेरेमनमें है गाँव की रूप वही