(लय-छोटी नणदूली रो ब्याव रचादे रसिया)
झिलमिल तारा री आ चुनड़ी ओढावे भाई – 2
ओढावे भाई- २ ओढो म्हारी बाई
मायरे री शुभ बेला में मंगल गीत सुणावा जी-2
भात भरणन भाई भतीजा भावज आईजी
झिलमिल तारा री आ चुनड़ी —
पीवरिये सू चुनड लेकर बीरो म्हारो आयोजी-2
सास ननद म्हारी चुनडी न खूब सरायोजी
झिलमिल तारा री
वंश बढे म्हार बाबुल रो जुग-२जीवे म्हाराभाई,
मान बढ़ायो थे सब म्हारो बढज्यो प्रीत सवाई
झिलमिल तारा री आ —