Mhare To Baisa Ro Nakhrro Niralo Hai

हाथा चुड़लो, माथे रखड़ी पेरयो नोसर हार जी 
 घुमर घाले म्हारी बाईसा आंगणिये मे आज जी, 
म्हारे आंगणिये में आज जी 
(लय-ये गोटेदार लहगां)
म्हारे तो बाईसा रो नखरो निरालो है-2
नैणा म काजल थारो कामण गारो है -2
चोखा लागो आंगणिये  में जद थे घूमर घालो
 ओढ़ चुनड़ी जोधाणे री लहंगो जेपुर वालो-2
 मायड थारी निजर उतारे वारि वारि जावो
 चुड़लो बाजूबंद बोरलो बिंदिया भलका खावै
 चालो हो पैरके पायल ठुमको भी प्यारो है
 म्हार तो बाईसा से नखरो निरालो है
नेणा म काजल थारे कामण गारो है
हाथा में चुड़लो थारे सबसे निरालो हे

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