(बन्ना गीत, विवाह गीत, रात के बारह बजे)
रात के बारह बजे गली(चौक) में शोर( हुल्लड़) मचे-2
बन्ने के दादाने दादी से बोला ,- अरे क्या बोला, क्या बोला, क्या बोला ,
सौ साल पहले मुझे तुमसे प्यार था, आज भी है और कल भी रहेगा
रात के बारह बजे —
बन्ने के ताऊ ने ताई सेबोला-
क्या बोला, क्या बोला क्या बोला
क्या खूब लगती हो, बड़ी सुन्दर दिखती हो
इसी प्रकार, पापा के लिये –
जो तुमको पंसद होवही बात करेगे
चाचा के लिये-
छुप गये सारे नजारे
भईया के लिए –
सरकाय लो खटिया जाड़ालगे
जीजा के लिये- बहुत प्यार करते हैं तुमको सनम
फूफा के लिये -जिसकी बीबी मोटी उसका भी बड़ा नाम है
नाना के लिये (हे मेरी जोहर जबी तुम्हे मालुम नही
मामा के लिए -धूप में निकला न करो रुपकी रानी
मौसा के लिये – बहारो फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है