Tapsya Ka Matalab Samta Ki Sadhna

लय-तुम्ही मेरे मंदिर

तपस्या का मतलब होता, समता की साधना, समता की साधना, समता की साधना, आत्मशुद्धि का लक्ष्य इसका नहीं और कामना, नही और कामना, नहीं और कामना
1. तन की तपन में तपकर चेतना निखरती है, मलिनतायें मन की तप की, आँच में पिघलती है, अन्तर में स्थित होकर जब होती उपासना, आत्मशुद्धि का लक्ष्य इसका नहीं और कामना
2. तप ही है पावन गंगा तप ही तीर्थ धाम है, तपस्वी को शुर नर सारे, करते प्रणाम है, क्षयोपशम से ही होता है त्याग माव जगाना, आत्मशुद्धी का लक्ष्य इसका, नही और कामना ।।
3. कर्मों का बंधन होता विषमता के कारण, तन मन के शोधन से ही इसका निवारण, ज्ञान आचरण दोनों की सम्यक साधना आत्मशुद्धी का लक्ष्य इसका, नहीं और कामना

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top