थारी सोहनी सूरत
थारी सोहनी सूरत मनभाय,तूतो रूप की परी -2
ओ बालम मतवाला जी, थे बाता करो रसकी भरी.-2
ओ पिया टेवटियो घड़ादोजी गौरी को मन पैरण मै
मैतो पैर चलूगीं थार साथ, गोरया को मेलो देखण ने ,
हो गौरी काहे से घडादूए धेलो तो कोनी खरचण ने -2
म्हारे मन की सुणी ना कोई बात क्यू आया मने परणन ने ओ पिया पोमचो रंगा दयोजी गौरीको रो मन ओढण ने
मै तो ओढ़ चलू ली थारे साथ जैपरियो देखण न, ओ गौरी काहे से रंगाउ ए पैसो तो कोनी खरचण नै
पिया बीत्या कई तीज तिंवार ,रेगीजी मन की मन में