Aasro Shasan Devi Tharo

आसरो शासन देवी थारो
( तर्ज : कोई जब राह न पाये….)
आसरो शासन देवी थारो, थे कष्ट निवारो, पधारो म्हारै आंगणियै पधारो, अठाई की करै तपस्या ।।
घर-घर में सज्यो है दरबार, तपसी नै साता री दातार, थाने जो ध्यावै करो थे बेड़ा पार-२, म्हानै थे दीज्यो जी बल थारो ।।
२. बाई थे करयो है जबरो काम, भूखो रहनो बड़ो ही करड़ो काम, नाम लेता ही चढ़ ज्यावै म्हानै ताव-२, चालनो नहीं रे कोई ल्यारो ।।
३. सारचा हो माँ भगतां रा काज, शरण पड़या है राखो जी आंरी लाज, बैठ्या म्हे उडिका शासन देवी आज-२, काटज्यो घणो ही दुःख म्हारो ।।
४. बल देवो माँ तपस्या में आवै जोर, थे तारण हार है प्राणी कमजोर, थे ना सुणोला सुनेलो कुण ओर-२, भक्तो की अर्जी पे थे पधारो ।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top