(लय : बहुत प्यार करते हैं तुमको सनम)
बहुत ध्यान धरते हैं महावीर का हम
नाम चाहे ले लो-२ जितना भी कम ऽऽ ।
बहुत ध्यान धरते है महावीर का हम ॥
१. लाखों की नैया को तुमने ही तारी नाम तुम्हारा मंगलकारी, करुणा के सागर-२ प्यासे हैं हम ऽऽ ।
बहुत ध्यान धरते है महावीर का हम ॥
२. जिन शासन की महिमा है भारी,
कोटि-कोटि कण्ठों से गाये नरनारी
प्रभु तेरे चरणों में-२, आयेंगे हमऽऽ ।
बहुत ध्यान धरते है महावीर का हम ॥
३. हिंसा का आतंक जब यहां छाया,
ज्ञान से तुमने दूर भगाया, याद तेरी आती २ भुलें ना हमऽऽ । बहुत ध्यान धरते है महावीर का हम ॥
४. वीर की वाणी घर घर पहुँचाये,
सबमें धर्म की ज्योति जगाएं,
शक्ति हमको दे दो – २ निर्बल हैं हमऽऽ ।
बहुत ध्यान धरते है महावीर का हम ॥