बना सांची केऊली में तो सांची केऊली,
हीरा क हार बिना नहीं रेऊली ।
कलकत्ता में काजु लिया, कठीहार में खाया जोगबनी म पाणी पीया, ठेठ विराटनगर आया … म तो… दाल रांदु भात रांदु, आमाको अचार
विराटनगर की लुगाया न, चायां को विचार … म तो सासु ताई करी रसोई, सुसरा तांई सीरो नवल बना ताई करूं कचोरी, गरम मसालो जीरो … म तो …
राई राई रायतो, जीर रो बंगार विराटनगर की लुगाया न, बातां को विचार … म तो सगला गांव म मेह बरस, पण सीलीगुड़ी म तारा
लोग बापड़ा कांई कर, बठ लुगायां रा सारो … म तो … गेहूं तो म्हे घर घर देख्या, चावल में पड़ गई इल्ली,
व्याही सगां की लुगाया क, करनोड़ म कील्ली … म तो … न्यारा घरां का न्यारा बारणा, म्हें भी न्यारा होस्यां न्यारा होस्यां न्यांगल करस्यां, सारो गांव जिमास्यां … म तो न्यारा घरां का न्यारा बारणा, म्हे भी न्यारा होस्या
घणो कमास्या थोडो खास्यां, चन्द्र हार घड़ास्यां … म तो … मं तो सांची केऊली, देराण्यां जिठाण्या साग नही रेऊली ।
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***(तर्ज:- इक परदेशी मेरा दिल………)
आगरे का ताज महल दिल्ली का किल्ला,
बनड़ी को बनड़ा बागों में मिला ।
दादाजी देखे तो मेरा मरण हो जाय,
दादी जी देखे तो मेरा दिल घबराय ।
काल की परनोड़ी न्यारी हूयो येन जाय, तोड़ के जबाब म्हास्यूं दियो पेन जाय ।
आगरे का ताज महल
(इस तरह बाबा, पापा, काका, बीरा सभी नाम लेणा।