बरी बंधावण को गीत
मेंदी मोली नख जांवतरी रो केशर पुड्या बंधाव ए । जान्या म दादाजी बडेरा तो बाबोजी बरी रे मुलाव ए । जान्यामं पापाजी बडेरा तो काकाजी बरी रे मुलाव ए । पेरज ए सजना री ए धीवड़ी जद बनड़ो बर पायो ए । जान्या म नानाजी बड़ेरा तो मामाजी बरी रे मुलाव ए । जान्या में फंफाजी बडेरा तो जीजाजी बरी रे मुलाव ए । पेरज ए सजनारी ए धीवड़ी तो जद बनड़ो बर पायो ए । ***