श्री शिव आराधना
(तर्ज – झिलमिल सितारों…)
डमरू वाले बाबा तुम को आना होगा,
डम-डम डमरू बजाना होगा,
माँ गौरा संग गणपति जी को, लाना होगा, डम-डम…।।
सावन के महीने में जब, कांवड़ लेकर आयेंगे,
पावन गंगाजल से बाबा, तुम को हम नहलायेंगे,
भक्तों को पार लगाना होगा, डम-डम….।।
भांग, धतूरा, दूध बाबा, तुम पे हम चढ़ायेंगे,
केशरिया चंदन का तेरे, टीका भी लगायेंगे,
दुःखियों के दुःख को मिटाना होगा, उ
डम-डम….।।
मेरा भोला दानी शंकर, सबसे निराला है,
हाथों में त्रिशूल गले, सर्पों की माला है,
नांदिये पे चढ़कर, आना होगा,
डम-डम…।।