(तर्ज : दिल लूटने वाले जादुगर …)
दिल लूटने वाले नवल बना, अब मैने तुझे पहचान लिया मैं ऐसी मछली बन जाऊंगी पानी मैं जाकर छीप जाऊंगी मैं ऐसा मछेरा बन जाऊंगा तुझे जाल बिछाकर ले आऊंगा, दिल लूटने वाले…..
मैं ऐसी चिड़ीया बन जाऊंगी, पत्तों मे जाकर छीप जाऊंगी
मैं ऐसा शिकारी बन जाऊंगा, तुझे जाल बिछाकर ले आऊंगा, दिल लूटने वाले ….
मैं ऐसी नागीन बन जाऊंगी, बाम्बी में जाकर छीप जाऊंगी मै ऐसा सपेरा बन जाऊंगा,
तुझे बीन बजाकर ले आऊंगा, दिल लूटने वाले
मैं ऐसी दुल्हन बन जाऊंगी, दादाजी की गोद में छीप जाऊंगी
मै ऐसा दूल्हा बन जाऊगा, तुझे शादी कर के ले आऊंगा, दिल लूटने वाले
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