Gaye Sab Milkar Gaye

(लय : बच्चे मन के सच्चे)
गायें सब मिल गायें, अहँ का ध्यान लगायें। 
महामंत्र नवकार जपें, मन तन्मय ये बन जाये ॥
ओम् णमो आयरियाणं, सव्व साहूणं के चरणों मे, १. ओम् णमो अरिहंताणं, ओम् णमो श्री सिद्धाणं। ओम् णों उवज्झायाणं । अपना शीश नमाएं ॥ … गायें
२. एसो पंचणमुक्कारो, सव्वप्पाव पणासणो । मंगलाणं च सव्वेसिं, पढ़ मं हवइ मंगलम् । सदा करे कल्याण हमारा, जीवन ज्योत जगायें ॥ … गायें
३. अर्हत् शरणं गच्छामि, सिद्धे शरणं गच्छामि। साहू शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि। स्मरण करे जो इन चारों का, अभयदान मिल जाये ॥ … गायें
४. भक्ति से जागे शक्ति, शास्त्रों की है ये उक्ति। काम, क्रोध, मद मोह तजे, फिर तो दूर नहीं मुक्ति। शुद्धचित और शुद्धभाव से, लक्ष्य बिन्दु को पायें ॥ … गायें
५. जिसने भी इसको ध्याया, मनवाछित वो फल पाया। अ. सि. आ. उ. सा ऊँ नमः, बीजमन्त्र ये कहलाया। एक सौ आठ गुणों की माला, जीवन धन्य बनाये ॥ … गायें

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