Jawaiji Geet

धोया धोया थाल, परोस दिया भात जी, आवो आवो जंवाई जी, 
कांसे घालो हाथ जी कासे घालो हाथ, बताओ थांकी जात जी 
बाप म्हाका राजा जी, माय पटराणी जी चारों भाई चौधरी, म्हारी बैण सुजाण जी
 भूवा म्हारी सौदरा, रसोयाँ क माय जी 
भालै फिरै, राट्यो गरणावै जी पुष्कर जी की पेड़या मे, जंवाई जी न्हावै रे उभा उभा साला जी, पाठ पढ़ावै रे
गगा न्हाय, गोमती न्हावै रे पुष्कर जी की पेड्यास दादी को दान करावे रे ।
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जंवाई 2
 हां रे बाला इण सरवरीय री पाल, जंवाई धोव धोतीयां जी म्हारा राज ।
हां- रे बाला न्हाया धोया कर्या छ स्नान, फटकार धोई धोतीयां जी म्हारा राज ।
हां रे बाला किज्यो म्हाक सुसराजी न जाय, जंवाई आया पावणा जी म्हारा राज ।
हां रे बाला किज्यो म्हारा सासुजी न जाय, उजला सा भात पसार ज्योजी म्हारा राज ।
हां रे बाला किज्यो म्हार साला जी न जाय, बहनोई भेल जीम ज्योजी म्हारा राज । का रे बाला किज्यो म्हारी साल्यां जी न जाय, चोखा सा जीजा गावज्यो जी म्हारा राज ।
हां रे बाला किज्यो म्हारी सालेल्या न जाय, महलां में मरवण ल्यावज्यो जी म्हारा राज ।
हां रे बाला खेल्या खेल्या सारोड़ी रात, कुण हा कुण जीतिया जी म्हारा राज ।
हां रे बाला हा हा सजना रा जोध, रायां का कंवर बाई जीतिया जी म्हारा राज ।
हा रे बाला आई आई जवांया न रीस, बाई पर बायो ताजणो जी म्हारा राज ।
हां रे बाला आई आई बाइजी न रीस, महला स्यूं हेठा उतर्या जी म्हारा राज ।
हां रे बाला आयो भोजायां रो साथ, बाई न पाछा लेगया जी म्हारा राज ।
हा ए गोरी एकर तो पाछी चाल, नौकर थांक जीव का जी म्हारा राज ।
हा ए गोरी नौकर रयो एन जाय, ठाकुर थांक जीव का जी म्हारा राज ।
जवाई थांका बाप का जी म्हारा राज, बहनोई थांका बीर का जी म्हारा राज ।
2
शकर कुई क रस्त ओजी नणदोई, मं गजरा भूल र आई प्यारा नणदोई । 
लाध्या हुब तो दिज्यो ओजी नणदोई, 
बाइसा न जाय मत किज्यो प्यारा नणदोई । 
बाइसा दुत्याला ओजी नणदोई, 
मायड़ न जाय सिलाव प्यारा नणदोई । थारी म्हारी सासु ओजी नणदोई,
 मन्दीर म राड़ मचाव प्यारा नणदोई । थारा म्हारा सुसरा ओजी नणदोई, 
पंचा म न्याव चुकाव ओजी नणदोई । 
शकर कुई क रस्त ओजी नणदोई, मं हारज भूलर आई प्यारा नणदोई ।
इसी तरह गहनों का नाम लेणा)
***
७.
नणदोई सा के लिये मैनें पानी तपाया, थे न्हावों क न्हाय आया प्यारा नणदोइसा ।
म्हारा नणदोई म्हारा सासू कि जंवाई,
जीजी के लगते बालमा, बलमा के लगते जीजाजी, छोरा के लगते फूफाजी,
रुमाल कहां भुल आया प्यारा नणदोई सा 
नणदोई सा के लिये मैने भात पसाया, थे जीमों क जीम आया प्यारा नणदोई सा ।
म्हारा नणदोई
(इसी तरह बिड़ला मंगाया, चोपड़ बिछाई, सेज बिछाई नाम लेना)
***
3
ए तो कंठोड़ स्यूं आया प्यारा पावणा,
ए तो किसी ओ बाई रा भरतार नणदोई सा भलाई पधार्या प्यारा पावणा ।
ए तो दिल्ली स्यू पधारया प्यारा पावणा, ए तो बाइ —– रा भरतार नणदोइसा, भलाई
बान खीर र पूड़ी जीमाय देवती,
 म्हार गवाल्यो दियो कोनी दूध नणदोइसा, 
भलाई थान घेवर फीणी छठवाय देवंती, म्हार हलबाई रो टूट गयो हाथ नणदोइसा, भलाई
बान कड़ी र फलका जीमाय देवती, म्हारी पाड़ोसण घाली कोनी छाछ नणदोइसा, भलाई
थां क लसकर टीको काड़ देवंती, म्हार अंग्ठ र होय गई पीड़ नणदोइसा, भलाई
थान सीख का रुपीया दिराय देवंती, पण तीजोरी की गमगई चाबी नणदोइसा, भलाई 
थांक साग म्हार बाइजी न भेज देवती, पण बाइजी रो दूख रयो पेट नणदोइसा, भलाई 
थांन थांक सालां र साग भेज देंवती, थांक साला जी री दूख रई आँख नणदोइसा, भलाई…
थान मारुती कार म पुगाय देवती, म्हारो ड्राइवर आयो कोनी आज नणदोइसा,
भलाई पधारो प्यारा पावणा
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