Jis Bhajan Me Veer Ka Nam N Ho

(लय : यदि भला किसी का कर न)
जिस भजन में वीर का नाम न हो। उस भजन को गाना ना चाहिये ॥ 
जिस जगह पे अपना मान न हो। उस जगह पे जाना ना चाहिये ॥
चाहे बेटा कितना प्यारा हो। उसे सर पे चढ़ाना ना चाहिऐ ॥ चाहे बेटी कितनी लाड़ली हो। आजाद घुमाना ना चाहिऐ ॥१ ॥
चाहे बीबी कितनी सुन्दर हो। कोई भेद बताना ना चाहिये ॥ चाहे भाई कितना दुश्मन हो। कोई राज छुपाना ना चाहिये ॥२ ॥
जिस माँ ने हमको जन्म दिया। उसे कभी भुलाना ना चाहिये ॥ 
जिस पिता ने हमको पाला है। उसे कभी विसराना ना चाहिये ॥३ ॥
चाहे कितनी अमीरी आ जाऐ। अभिमान जताना ना चाहिऐ ॥ 
चाहे कितनी गरीबी आ जाऐ । स्वाभिमान घटाना ना चाहिये ॥४॥

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top