Jo Bhi Mila Khajana Use Bant Jana Re

मिला खजाना

(तर्ज : नानी तेरी मोरनी को मोर ले गया……….)
जो भी मिला खजाना उसको बांट जाना रे। क्या जाने कब होगा इस धरा पर आना रे । । ध्रुव ॥
बहुत कमाया बहुत ही खाया काफी मौज उड़ाई। श्रम से कोड़ी कोड़ी जोड़ी पूंजी खूब बढ़ाई। मिट्टी के सब खेल खिलौने मत फस जाना रे ॥१ ॥
जितने दृश्य पदार्थ हैं जग में मिट्टी में मिल जाते । बिना सुगुरु इस गहन तत्त्व का कौन ज्ञान करवाते । इनके लिए न झगड़ा करके जन्म गंवाना रे ॥२ ॥
पुण्य पाप दो साथ चलेंगे, इसको पक्की मानो । उन्नति अवनति है निज कर में सत्य तथ्य पहचानो।
सत्संग सेवा का नित पूरा लाभ उठाना रे ॥३ ॥
अपने हाथों देने से ही असली आनंद होता।
छीना झपटी चौरी आगजनी लखकर नर रोता।
संत कमल की शिक्षाओं को मत बिसरना रे ॥४॥

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