गीगो १
ऊंचो धाल्यो पालणो र जल जमना री तीर, झोटा देव सायबा म्हारी लालनणद रो बीर,
गीगा घड़ी एक सोज्या रे, रात । सुख देवा गीगा घड़ी एक सोज्या रे।
जाऊली बजार में ल्याऊली एक चीज,
देऊं म्हार गीगल न सोवल नचीत, गीगा घडी
एपाडोसण पातली त घडी एक गीगो राख, लाडु देव स्ठरा तन से जलवारी रात गी पतला पतला फलका पोया गुदली राधू खीर न्यूत जीमावू सायबा
म्हरी सगी नणद रो बीर, गीगा.
लाऊली बजार में जाऊली पताशा, आवला गीग पापा करूंगी तमाशा
झाड झाडकर सेज बीछाई जिस पर पड़ी कतरनी, आवला गीग रा पापा करूंली कुचरनी गीगा। गधडपड गीगो खेल,
हाथ़ पगा में कड़ा बांकडा सीर पर टोपी लाल, धडपड गीगो खेल दादा देख ख्याल
जच्चा महल स्यू ऊतरी सोना रो कंगन हार
चील झपेटो दे गई चन्दरावल मसल हाथ, गीगा घड़ी एक सोज्या रे रात रा सुख देवा गीगा घड़ी एक सोज्या रे ।
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