-: प्यारो प्यारो लागे नवकार :-
(लय : नखरालो देवरीयो..)
प्यारो प्यारो लागै नवकार, हिवड़े में म्हारै बसग्यो – २
म्हारै बसग्यो – रे भाया म्हारै बसग्यो – २
अमृत सो,
लागै नवकार, हिवड़े में म्हारै बसग्यो ॥ ध्रुव ॥
मंत्र घणो उपकारी ओ है, गुण रो एक खजानो – २
दोरी बैला आडो आवै, पांच पदां रो शरणो- २
चोखो चोखो २, लागै नवकार,
हिवड़े में म्हारे बसग्यो, प्यारो प्यारो लागै नवकार, हिवड़े में म्हारे बसग्यो ॥१ ॥
मनपक्षी ने काबू राख्यां, सगला दोष मिटावे – २
महामंत्र री महिमा भारी, मन वांछित फल पावै – २ व्हालो-व्हालो २, लागै नवकार, हिवडै में म्हारें बसग्यो, प्यारो प्यारो लागै नवकार, हिवड़े में म्हारे बसग्यो ॥१ ॥
लोभी क्रोधी पापी सुधरे, मूर्ख ज्ञान पावै २
महामंत्र री माला फेरण, वालो तिर जावै – २
आछो आछो २, लागै नवकार, हिवडै में म्हारे बसग्यो प्यारो प्यारो लागै नवकार, हिवड़े में म्हारे बसग्यो ॥१ ॥
“भक्त मंडल” ओ मंगलकारी, सब मिलजुल गुण गावै – २
अरिहंत, सिद्ध, आचारज, साधु, उपाध्यायजी नै ध्यावै २ अमृत सो २, लागै नवकार, हिवडै में म्हारै बसग्यो। प्यारो प्यारो लागै नवकार, हिवड़ै में म्हारे बसग्यो ॥१ ॥
म्हारै बसग्यो रे भाया, म्हारै बसग्यो २ अमृत सो लागै नवकार, हिवड़े में म्हारै