Saga -Sagi Geet

1

आओजी सगीजी थांरा लाड लडावां, 
देखली सगीजी थांरी चतुराई, सगी दमड़ी रा तीन सौदा कर ल्यायी २ 
एक बार सगीजी न विक्टोरीया में देख्या २ के देख्या
 अरे आप तो खाई चाट और टाबरा न आइस्क्रीम और सगाजी न पत्तो चटाय ल्यायी ॥ सगी दमड़ी 
एक बार सगीजी न दुकानां मं देख्या २ … के देख्यां अरे आप तो खरीदी साड़ी और टाबरा र बाबा सुट और सगाजी न चड्डी पेराय ल्यायी ॥ सगी दमड़ी
 एक बार सगीजी न सैलुन मं देख्यां – २ … के देख्यां अरे आप तो कराई थाइकट और टाबरां र हीरो कट और सगाजी न मोडो कराय ल्यायी । सगी दमड़ी
 एक बार सगीजी न पनवाड़ी क देख्या २ के देख्यां अरे आप तो खायो बंगलो पान और टाबरा न मीठो पान और सगोजी न चुनो चटाय ल्यायी ॥ सगी दमड़ी
 आओजी सगीजी थांरा लाड लडावां, देखली सगीजी थांरी चतुराई ***
2
(तर्ज – झुठ बोले कौवा काटे …)
बेलन चीमटा लेके भागे, एसी सगी से डरीयो 
सगाजी डर डर के तो भागे, सगी का गुस्सा तो देखो २ सगाजी का मन तो भजन ध्यान में, सगी गाना गाती है वो २आया जमाना फैशन का, एसी सगी से डरीयो । सगाजी सगाजी का मन तो दाल भात में सगी इडली बनाती है वो २ आया जमाना फैशन का एसी सगी से डरीयो । सगाजी सगाजी का मन तो धोती कुर्ते में सगी सूट पहनती है वो २ आया जमाना फैशन का ऐसे फैशन से डरीयो । सगाजी ***
3
लेता आज्यो जी जलेबी लेता आज्यो जी ।
 सगी न जलेबी को कोड़ जलेबी लेता आज्यो जी । 
धोती बेची गमछो बेच्यो अब कांई बेचा जी 
सगाजी कुर्ती करो नीलाम जलेबी लेता आज्यो जी
 घर बेच्यो द्वार बेच्यो, अब कांई बेचा जी 
सगाजी दुकाना करो नीलाम जलेबी लेता आज्यो जी छोरो बेच्यो छोरी बेची, अब कांई बेचां जी 
सगाजी खुद ही हुवो नीलाम जलेबी लेता आज्यो जी लेता आज्यो जी, जलेबी लेता आज्यो जी
 सगी न जलेबी को कोड जलेबी लेता आज्यो जी ।
***
4
(लय- इन्हीं लोगों ने )
जाने कहाँ पे, जाने कहां पे, जाने कहां पे गुम हो गई सगीजी मेरी २ किसी ने कहा जाके मन्दीर में देखो, चप्पल चुराती मिल जाये… सगीजी 
किसी ने कहा जाके बजारों में देखो, गुलछर्रे उड़ती मिल जाये… सगीजी 
किसी ने कहा जाके होटल में देखो, भेल पूरी खाती मिल जाये सगी जी 
किसी ने कहा जाके बागों मे देखो, फूल चुराती मिल जाये किसी ने कहा जाके रसोई में देखो, कडाई चाटती मिल जाये … सगीजी .. सगीजी

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