Shamsano Ke Wasi Ho,bhuto Ka Hai Sath

(तर्ज-देना हो तो दीजिए…)

श्मसानों के वासी हो, भूतों का है साथ,
 तेरा नदी किनारे डेरा, ओ बाबा भूतनाथ ।।
देवों में महादेव हो बाबा, सारी दुनियां ध्याती है, 
श्रद्धा से चरणों में तेरे, आकर शीष झुकाती है, 
जो पांव पकड़ले तेरे-२, तूं पकड़े उनका हाथ ।।
सृष्टि के ओ सिरजन हारे, तेरे ढंग निराले हैं, 
देवों की रक्षा के खातिर, पी गये विच के प्याले हैं,
हम भोले भगतों का, तूं रक्षक भूतनाथ ।।
सोमवार को तेरे दर्शन, बहुत बड़े शुभकारी हैं, 
तेरी दया से हम भगतों की, कटती विपदा सारी है,
इस “हर्ष” का भोले बाबा, तें देना हरदम साथ।।

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