श्यामजी का गीत
धीन खाटु धीन सांवला श्याम जी,
जी प्रभु दिनरे ढुंढाड़ो लोग,
ध्वजा बन्द सांवला श्यामजी ।
कुणा जी री गाडी हंकी श्यामजी,
जी प्रभु किणाजी रो परिवार, ध्वजा … भगत जी री गाडी हंकी श्यामजी, जी प्रभु भगतजी रो परिवार, ध्वजा… भगतजी री गाडी हंकी श्याम जी, जी प्रभु भगत जी रो परिवार, ध्वजा … चढ़न चढ़ाव हरक चुरमो श्याम जी, जी प्रभु और चोट्याला नारेल, ध्वजा रुपीया चढ़ाव हरक रोकड़ा श्यामजी, जी प्रभु मोरां रो अन्तन पार, ध्वजा
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हरीरामजी का गीत
कंठोड़ तो बाजा बाजीया हरिरामजी तो कंठोड घूर्या छ निशान ओ महराज
सांपां री बाम्बी म डेरा थे लिया हरिरामजी
निप्यो तो डोल्यो देवरो हरिरामजी, ध्वजारे फरुक असमान ओ महाराज, सांपा….
झोरड़ा तो बाजा बाजिया हरिरामजी, शहर म घुर्या छ निशान ओ महाराज, सांपा….
थांरी तो आंख्यां चान्दणों हरिरामजी, म्हारोड़ी घोर अन्धेर ओ महाराज.
चाकी तो चुल्हा थे फिरो हरिरामजी, बहु र बच्चा रा रिछफाल ओ महाराज, सांपा…
देश परदेशा थे फिरो हरिरामजी, बेटा र पोता र रिछपाल ओ महाराज, सांपा. सांपा री बाम्बी म डेरा थे लिया हरिरामजी ।
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छींक चोथ
थान म्हारा सेवक जी छींक चोथ टुठी, तो टुठी म्हारी आज भवानी मोर माय
सोना री घड़ांवू माता रुपांरी घड़ांवु, तो राते पीले पाट पुवावु मोर माय
हिवड़ ऊपर राखुं म्हार जीवड़ ऊपर राखुं, तो राखुं म्हार कालजीयारी कोर मोर माय
दूधां स्यूं न्हवाऊं ए माता दहिया स्यूं न्हवाऊं, तो नारेलांरी भेंट चढ़ाँवु मोर माय ।
थाने म्हारी सासु बंवां छींक चोथ टुठी तो टुठी म्हारी आज भवानी मोरमाय
थाने म्हारी दीवर जीठाव्याँ छींक चोथ टुठी
तो थाने म्हारी नणद भोजाया छींक चोथ टुठी तो चुरम स्यूं पूजु ए
माता लापसड्यां स्यूं पूजु तो लीलोड़ा नारेल जंवारुं मोर माय ।
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