थारी काया रो गुलाबी रंग
(तर्ज : थारी आँख्या में लोही रो).
थारी काया रो गुलाबी रंग उड़ जासी, उड़ जासी रे फिको पड़ जासी ।।
1 हस्या-हरया रुँखड़ा उगीया रे बाग में, पान-फूल एक दिन झड़ जासी ।।
.2सूरज उगीयो दोफारो तपियो, साझं पड़या सूरज ढल जासी ।।
3रैन बसेरो पंछि किन्हो, भोर भया पंछी उड़ जासी ।।
4जगत सिनेमा देखले रे भाई, खेल खतम हुया घर आसी ।।
5ओ तन है पाणी रो पतासो, पाणी रो पतासो भाई घुल जासी ।।
6 धर्म कमाई कर ले रे भाई, धर्म कमाई थारे सागे जासी