Umrav Bana Boli Pyari Lag Ji

बना-बनी 
उमराव थारी बोली प्यारी लाग जी बना 
सिरदार थारी बोली प्यारी लाग जी बना 
उमराव जी ओ बनड़ा, सिरदार जी ओ बनड़ा । 
शीश किलगीं पागड़ी रत्न जड़ीत सिर पेच – २ 
काना में मोती सोव मन मोहन थांरो वेश – २ 
बालकिया थारी चितवन प्यारी लाग जी बना । उमराव थारी मूलकन प्यारी लागजी बना, 
उमराव जी ओ बनड़ा, सिरदार जी ओ बनड़ा । 
कंठी हीरां को सोव गल मोतीयन की माल – २
 मेंदी मोली कांगड़ो शोभा बनी रसाल – २ बालकिया थारो लटको घणो सुहावजी बना ।
 केसरीया थांरी जोड़ी प्यारी लाग जी बना, 
उमराव जी ओ बनड़ा, सिरदार जी ओ बनड़ा । 
अचकन झीलमील कर रही लग रही अजब बहार २ मोजा जरी क मोचड़ी चाल अनोखी चाल – २ 
सिरदारां थांरी चलगत घणी सुवाव जी बना ।
 बालकिया थारी जोड़ी जुग जुग जीवो जी बना, 
उमराव जी ओ बनड़ा सिरदारजी ओ बनड़ा । ***

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