बिनणी आने पर वधावा
1
घोडा री बाज रही खुरताल, बैल्याां रा बाज्या सैया टाली टोकरा जी ज्यान महे तो लाख बधाई दद्या कोई न बताव ए गजानन्द जी न आंवता जी
राण्या थे तो करल्यों ए सोलह सीणगार, देवी देवता बुलाव रंग महल में जी
दिवल म्हारी दूणी सवाई जीत, आज बाई सुधरा रा बिरा रंग महल में जी
घोड़ा री बाज रही खरताल, बैल्या रा वाज्या मैया टाली टोकरा जी,
ज्यान म्हे तो लाख बधाई दंया कोई न बताव दादाजी न आंबता जी ।
गोरां थे तो करल्यो ए सोलह सीणगार, केशरीयो बुलाव ए गोर्या रंग महल में जी।
दिवल री दूणी सवाई जोत, आज बाई नणदल रा बिरा रंग महल में जी। ***
2
तू तो उड़ रे हंस सिन्दुर भरणो, तो कोई न बताव प्यारा आवता जी
घर आवसी कासब सा रा सुरज बाबो,
ज्या घर हरख बधावणा जी बार पांवल्या दोय पदम लिखीया तो घोड्यांरा बांधण घुघरा जी
बार ओढण न दोय शाल दुशाला तो, जिमण सीरो डोवठा जी
तू तो उड़रे हस सिन्दूर भरणो तो, कोई न बताव प्यारा आंवताजी (घरका नाम लेणा)
*माया उठावण का बधावा १
म्हारी बहु ए महला स्यू हेठा उतर, कोई कर सोलह श्रृंगार आज म्हारी अमली फल लियो ।
म्हारा सासुजी पुछ ए बहु थारा गेणा रो अर्थ बताय … आज म्हारी सासु गेणा जी गेणा कांई करो कोई गेणा म्हारा देवर जेठ … आज
म्हारा सुसरा गढ़ां रा राजवी, सासुजी म्हारी गीरत भंडार म्हार जेठ बाजुबन्द होयरया, जेठाणी म्हारी बाजुबन्द री लुम
म्हारो देवर दांत्यो चूड़लो, दिवराणी म्हारी चुड़ल री चूप म्हारी नणद कसुमल कांचली, नणदाई म्हारो कसण री लुम
म्हारी धीवज हाथरो मुन्दड़ो, जंवाई म्हारो मृन्दड़ रो कांच … आज
म्हारो कंवरज कुल रो दिवलो, कूलबवां म्हारी दिवल री जोत … आज …
म्हारा साहब सीर रो सेवरो, साहबणी म्हार सेजां रो सीणगार आज आज
सासु इतराजी गेणा सीग चढ़, केशरीयो म्हारो तीलक लिलाड म्हें तो वारी ए बबड़ थांरी जीभ न, बखाण्यो म्हारो सो परीवार … आज
म्हे तो वारी ओ सासुजी थारी कुख न, जीण जाया थे तो अर्जुन भीम म्हार पीवरीया र मारग, बवाडु मं तो चावलीया रो खेत … आज
मं तो जद धोवु जद ऊजला, ऊजलायत म्हारो मां को जायो वीर म्हार सासरीया र मारग, बवाडु म तो गुंद गीरी रो खेत … आज …
मं तो जब चाखु जब रस भरीया, रस भरीया भोली बाइसा रा बिर आज म्हारी अमली फल लियो
..
***४.
पेलो बधावो जी राज उमट आयो, कोई आयो म्हार बाबाजी री पोल केशरीया ओ राज कोयल बोली
बाबो जी म्हा पर राज भोत मया करी दीनी म्हान धरम परणाय … केशरीया
दूजो बधावो जी राज उमट आयो, आयो म्हार बिराजी री पोल … केशरीया
बिराजी म्हा पर राज बहोत मयाकरी, कोई दिन्या म्हान सेवरा पेराय … केशरीया
इगन्यो बधावो जी राज उमट आयो, कोई आयो म्हार मामाजी री पोल … केशरीया
मामाजी म्हापर राज बहोत मयाकारी कोई, दिन्यो म्हार मायरो संजोय… केशरीय
चौथो बधावो जी राज उमट आयो, कोई आयो म्हार सुसराजी री पोल … केशरीय सुसराजी म्हा पर राज बहोत मयाकरी, कोई दिनी म्हान अगड़ घड़ाय… केशरीय पांचवो बधावोजी राज उमट अयो, कोई आयो म्हार मारुजी री पोल … केशरीया मारुजी म्हापर राज बहोत मयाकरी, कोई दिन्यो म्हान सर्व सुहाग केशरीया ओ राज कोयल बोली
***