Ganga Jal Sam Pawan

गुरुवर का शुभ आगमन मंगलमय दिन आज।  
मंडल की वर्धापना, स्वीकारो   गुरुराज ।।
(लावणी)
(लय- पणिहारी)
गंगाजल सम पावन उज्जवल ज्योत जी ओ करे जन-जन रो उद्वार 
आया दिल्ली र द्वार करूपतरू उत्तरयो म्हारे आंगणे
देखो मोरा रो चरू उतरंयो दिल्ली शहर में -2 
श्रीचरणा म वन्दना पूछ रहया  सुखसात
 धन्य घडी़ धन भाग, ओ उग्यो स्वर्ण प्रभाँत
खिलगी ह सारी कलिया आज्‌जी 
ओ प‌ाकर इमरत री बरसात 
दर्शन पाया म्हे साक्षात् हर्ष न मावेजी  म्हारे हिवडे में 
मैतो आज -बधावा जी म्हारे आंगणे 
कल्पतरू उत्तरयो….
गगन उतारे आरती गारवे गीत बयार!
 बिछि रश्मिया अगवानी में दिशावा ले उपहार!(लावणी)
मंगल तिलक लगावा भाल पर जी जागी दुनिया री तकदीर 
थे हो नवयुग री तस्वीर झैलो श्रद्धा रा श्रीफल लाया भेंटणो 
कल्पतरू उत्तरयो..
युगा युगा तक राज करो  संघ ओ खूब बढे
 पा इंगित महिला मंडल नव इतिहास गढे। (लावणी)
नेमानन्दन लागे घणा सुहावना जी घाला थूथकारो म्है आज थां पर  सगला न नॉज 
तेजस्बी, गंभीर, करुणावान, स्वीकारो बन्दना ।

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