(तर्ज : राजा की आएगी बारात)
ईसर की आएगी बारात, गवरा के आँगन में,
गवरा नाचे हिला के रुमाल अपने आँगन में
सब के चेहरे खिल रहे हैं मस्ती कैसी है छाई,
हाय मस्ती कैसी है छाई
फूल बरसे रंग बरसे मिल रही हैं बधाई, हाय मिल रही हैं बधाई
ये तो बड़े शगुन की हैं बात अपने आँगन में
ईसर की आएगी बारात, गवरा के आँगन में…
ईसर देखो जच रहे हैं, बाँध सर पे सेहरा,
हाय बाँध सर पे सेहरा, इस खुशी में लग रहा है
वक्त जैसे हो ठहरा हाय वक्त जैसे हो ठहरा
ईसर की आएगी बारात, गवरा के आँगन में…
भाभी मुंह मीठा कराये
नोट सखियों ने वारे हाय नोट सखियों ने वारे
ऐसी खुशियों की हुई हैं बरसात आज हमारे आँगन में ईसर की आएगी बारात, गवरा के आँगन में…