श्री जगदम्बा वन्दना
(लय- सूरज कब दूर गगन से)
जब-जब भी इन्हे पुकारा, माता ने दिया सहारा
ये दूरनहीं है हमसे, बस याद करो इन्हें मनसे
मैया तो हमारी माता है, हम सबका सहारा है।
हम से दूर नहीं हैं करती है रखवाली
जिसने किया भरोसा माता ने डोर सम्भाली जो इनके पाँव पकड़ले, ये उसका हाथ पकड़ले
मैया तो हमारी माता है
अपने भगत से हमेशा दया किया करते हैं।
उसको पार लगाये जो नाम लिया करते हैं ये चार दिनों का जीवन
माताको करदे अरपण मैया तो हमारी माता है
इनका साथ मिले तो, हर मुश्किल टल जाये
हो घनघोर अन्धेरामंजिल जाऐ
बिन पानी नाव चला दै बनवारी बिगड़ी बना दे
मैया तो हमारी माता है