(लय- मुझे तेरी मुहब्बत का सहारा मिल गया होता)
कोई जाये जो वृंदावन मेरा पैगाम लेजाना,
मैं खुद तो जा नहीं सकती मेरा प्रणाम लेजाना ॥
1. ये कहना मुरली वाले से मुझे कब तुम कब बुलाओगे, पडे जो जाल माया के उन्हे तुम कब छुड़ाओगे,
मुझे इस घोर दल दल से मेरे भगवानले जाना ।
कोई जाये जो वृन्दावन….
2. जब उनके सामने जाओ तो उनको देखते रहना,
मेरा जो हाल पूछे तो जुबां से कुछ नहींकहना
बहा देना कुछेक आंसू मेरी पहचान ले जाना ।।
कोई जाये जो वृन्दावन…..
3.जो राते जाग कर देखे मेरे सब ख्वाब लेजाना,
मेरे आंसू तड़प मेरी, मेरे सब भाव लेजाना,
न ले जाओ अगर मुझको, मेरा सामान ले जाना
कोई जाये जो वृन्दावन
में भटकू दर बदर प्यारे जो तेरे मन में आये कर
मेरी जो सांसे अंतिम हो वो निकले तेरी चौखट पर
हरि दासी’ हूँ में तेरी – मुझे बिन दाम ले जाনা
कोई जाये जो वृंदा वन…