Nayi Choubisi &. Tap Re Jhule Jhulya Anand Aavere

नई चौबीसी

नई चौबीसी, हो…. नई चौबीसी रो अर्थ बताओ म्हांनै, नई चौबीसी ।।
चमक-चमक म्हारासा रो पाटो चमकै २. पाटे ऊपर बैठ्या गुरुदेव दीपे || १||
चमक-चमक म्हारासा रो ओघो चमकै. काम्यां ऊपर ऊन सतियां जी बन्टे ।। २॥
चमक-चमक म्हारासा री मुखपत्ति चमकै, मुखपत्ति रो डोरो श्रावक निरखै ।। ३।।
चमक-चमक म्हारासा रो पूठो चमकै, पूठे रो सूतर श्रावक सुणै ।।
४।।
चनक-चमक म्हारासा री माळा चमकै, माळा रो अर्थ श्रावक पूछे।।
५॥
चमक-चमक तपसण बाई चमकै, तपस्या रो ओज बारै मुखड़े चमकै ।।
६।।
चमक-चमक म्हारी मुम्बई चमकै, मुम्बई री बायां में जोश जागे ।। ७॥
तपरै झूलै में
(तर्ज : झूल्यां झूलण रो सावण बित्या )
तप रै झूले में झूल्यां आनन्द आवै है, आनन्द आवै है कै झूल्यां आनन्द आवै है।। आनन्द आवै है कै मन म्हारो मोद मनावै है।
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ऋषभ, अजित, संभव, अभिनन्दन, सुमति, पदम सुखकारी रे, श्री सुपार्श्व, चंदा प्रभु, सुविधि, शीतल प्रभु भयहारी रे, श्री श्रेयांश, वासुपूज्य जिन, जन-जन ध्यावै है।
 विमल, अनन्त, धर्म जिनवर, श्री शांति, कुंधु उपकारी रे, अहंत अर, मल्लि, मुनि सुव्रत, नमि जिन महिमा न्यारी रे, नेमी, पारस, वीर चरण में शीश झुकावै है।
२.
आर्य भिक्षु श्री भारमल्ल, ऋषिराज, जीत जयकारी रे, मघवा, माणक, डालगणी, श्री काळू विभूता धारी रे, तुलसी, महाप्रज्ञ जिन शासन जबर दिपावै है।
अमृत, कोदर, भीम, राम, सुख, शिव मुनि महा तपस्वी रे, महासती अणचां, पन्नां रो, जीवन बड़ो राणा आंरी सुमिरण भी कण

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