(लय- जहां डाल-डाल पर सोने)
संयम के के पथ पर दृढ़ कर जीवन को सफल बनाना जिनशासन की शान बढ़ाना
तन मन अर्पण कर चरणन में जीवन ज्योति जगाना
जिन शासन शान बढ़ाना
आयेगें कष्ट अनेको ही पथ से ना विचलितं होना
हो ज्ञान ध्यान में लीन सदा क्षण भर भी व्यर्थ न खोना आंधी होया तूफान भले हर पथ पर है मुस्काना
भक्ति मार्ग पर वोही आता, जिस के कर्म हो उत्तम
निकट भवि ही धारण करते और निभाते संयम
ऊंचे भाव सदा जिसके हो वही संत बन पाता
अजर अमर पद निधि को पाना लक्ष्य तुम्हारा सुन्दर रहना अटल सतत संयम में ज्यों ध्रुव तारा अविचल
पंच महाव्रत स्वर्ण शिखर को निज कंधो पर धरना