(लय- तेरी दोस्ती मेरा प्यार)
अभिनन्दन तपस्या रो करां स्वीकारों,
भूख रो काम रो करारों—- ,तप री जय-जयकार
गण उपवन गुलजार –
① तप स्यू मिटे तन रो रोग
तपस्यू बढ़े सुखद संयोग
तप जीवन से परम प्रयोग २
तप रो मिल्या सहारो, हुवै निस्तारो, सुधरसी मिनख जमारो
तपरी जय-2 कार ,गण उपवन गुल्जार
पल-2 तप न करा प्रणाम,
तपस्सू बणे सफल संग्राम
बण ज्यावै ओ मन निष्काम-२.
मिट ज्यावे संशय सारो बढ़े उजियारो
मिल भव जल स्यू किनारो—तपरी—
तप स्यू कर्म कटक झड़ ज्यावे,
पावै पाथिक सत्य री राह ,
ऊर्जा वान बढे उत्साह (इंसान) 2
हुसी मंगल थारो थे सच न स्वीकारों
दिखसी मोक्ष रो नजारो