Diwalo (Bhanchya)

दींवलो
पाछलडै पहर री जी रात, घर जोई ए लक्ष्मी दीवलो जी। दीवलो म्हारो एड्यां-मेड्यां टांग जठै आदिनाथ जन्मिया जी।
आदिनाथ स्वामी मोटा छै देव, म्हारे आद हलाईया जी ।।१।।
पाछलडै पहररीजी रात, घर जोई ए लक्ष्मी दीवलो जी। दीवलो म्हारो एड्यां-मेड्यां टांग जटै शान्तिनाथ जन्मियाजी। शांतिनाथ स्वामी मोटा छै देव, म्हारै रोग मिटाईयाजी।
शांतिनाथ स्वामी मोटा छे देव, म्हारे शांति कराईया जी।।२।।
पाछलडै पहररीजी रात, घर जोई ए लक्ष्मी दीवलो जी। दीवलो म्हारो सामी साल्या टांग जठै नेमिनाथ जन्मियाजी।
नेमिनाथ स्वामी मोटा छै देव, म्हारै राजुल त्यारियाजी ।।३।।
पाछलडै पहर री जी रात, घर जोई ए लक्ष्मी दीवलो जी। दीवलो म्हारो महल झरोखां टांग, जठै पारसनाथ जन्मियाजी।
पार्श्वनाथ स्वामी मोटा छै देव, म्हारै पशु रे छुडाइया जी।।४।।
पाछलडै पहर री जी रात, घर जोई ए लक्ष्मी दीवलो जी। दीवलो म्हारो सामी साल्या टांग जठै महावीर स्वामी जन्मियाजी।
महावीर स्वामी मोटा छै देव, म्हारे तीर्थ थापिया जी ।।५।।
पाछलडै पहर री जी रात, घर जोई ए लक्ष्मी दीवलो जी। दीवली म्हारो महल झरोखां टांग, जठै महाराजसा ओ जन्मियाजी। महाराजसा मोटा है पूज्य, म्हारे सुतर सुणाईया जी । ।।
महाराजसा मोटा छै पूज्य, म्हारे पाट दीपाईया जी ।।६ पाछलडै पहररी जी रात, घर जोई ए लक्ष्मी दीवलोजी।

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