Swami Ji Mhane Darshan Dinha Ji

(लय – कुरजा ए म्हारा भंवर मिला दे)

 मुनीश्री श्रमण सागर
स्वामी जी म्हाने दर्शन दीन्हा जी-2
दर्शन दिन्हा प्रेम स्यू-२ म्हार माथ पर धर हाथ
 स्वामी जी म्हाने दर्शन दिन्हा जी 
दिन्हा दर्शन प्रेम स्यू, म्हार मनडे री पूछी दोय बात -2
 स्वामी जी म्हाने दर्शन दीन्हा जी-2
सांवली सूरत सोहणी-2  टप टप करतो ललाट – 2
काजलिया प्याला जसी(चसे )-२ आंख्या करे पल्लाट 
स्वामीजी म्हाने दर्शन दीन्हा जी-2
कानां केश सुहावणा-2 लम्बी-२ लहराती लोल 2
केसर भौंहा भंवर सी,चन्दोसो चेहरों गोल -2
स्वामी जी म्हाने दर्शन दीन्हा जी
लम्बा कद लम्बी ग्रीवा, लम्बा लम्बा गोडा तांही हाथ- 2
तीखी-2लम्बी 2 आंगल्या-2 हथेल्यां, हिंगलुरी जात-2
स्वामीजी म्हाने दर्शन दीन्हा जी 
भरवां अंग अंग फड़कतो ,चूड़ी उतार शरीर -2
सीनो बबरची शेर सो ,मुद्रा मृदु गंम्भीर – 2 
स्वामी जी महाने दर्शन दिन्हा जी
मुखड़े औपे मुहपती , कांधे पर ओघो सुरंग-2
झोली डावा हाथ में, मलखती चाल मलंग -2 
स्वामीजी म्हाने दर्शन दिन्हाजी – 2
उंगल्या पगा री चणकती-2 नखचुंटी अजब अमीर-2
क्यूं रे कह्यो स्वामी मुलकता, खुलग्या म्हारा तकदीर-2
स्वामीजी म्हाने दर्शन दिन्हाजी – 2
आज तेरस भादवी-2 ,मेह अंधारी रात-2
चंपक विरधी भवन में, सुपन में सुपन सी बात
स्वामी जीम्हान दर्शन दिन्हा जी

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