भगवान मेरी नईया, उस पार लगा देना,
अब तक तो निभाया है, आगे भी निभा देना
हम दीन दुखी निर्बल, नित नाम रहे प्रति पल
यह सोच दरस दोगे, प्रभु आज नही तो कल
जो बाग लगाया है, फूलों से सजा देना, भगवान मेरी नईया……..
तुम शांति सुधाकर हो, तुम ज्ञान दिवाकर हो
मम हँस चुगे मोती, तुम मान सरोवर हो
दो बूँद सुधा रस की, हमको भी पिला देना भगवान मेरी नईया…….
रोकोगे भला कब तक, दर्शन को मुझे तुमसे
चरणों से लिपट जाऊँ, वृक्षों से लता जैसे
अब द्वार खड़ी तेरे, मुझे राह दिखा देना
भगवान मेरी नईया……..
.