Vo Ladla Beta Sabki Aankho Ka Tara Hai-Swasti Mehul

वह नटखट है नादान भी है, मासूम है तो शैतान भी है। वह नटखट है नादान भी है, मासूम है तो शैतान भी है। नन्हा राजा करे शरारत, मुस्काता घर सारा है। लाडला बेटा सबकी आंखों का तारा है। वो लाडला बेटा सबकी आंखों का तारा है।
तेरे आने से छाई आंगन में खुशियां, पुत्र रत्न से मां की गोद भरी। नन्हें नन्हें हाथ उसके नन्हे नन्हे पैर है, पापा के कंधे बैठे घूमे हर घड़ी। छोटी-छोटी जिद पर मचले, रोये ऐसा की ना समहले। पलकों पर बिठाये सब रखे, वह सब का राज दुलारा है। लाडला बेटा सबकी आंखों का तारा है। लाडला बेटा सबकी आंखों का तारा है।
चलना रोज सीखाते पापा, बोली खुली तो मां बोला। बसता टांगे छोटे-छोटे कदमों से, पढ़ने लिखने फिर वह दौड़ा। वह सुने कहानी दादी से, मां की लोरी सुनकर सोता। करे रोज नई फरमाइश वो, डांटे तो छुपकर है रोता। संस्कारों में पला बढ़ा, बेटा मेरा सहारा है। बेटे की कहानी स्वास्ति कहै, कुल का यह प्यारा है। लाडला बेटा सबकी आंखों का तारा है।

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