(लय- तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे बलिहार)
बड़ी आस लगाकर आये है तेरे द्वार मैयाजी-2
विनती अपने भक्तो की करो स्वीकार मैयाजी
बड़ी आस लगाकर आये हैं तेरे दरबार मैयाजी
तेरे बालक भोले भाले, तेरी भक्ति में मतवाले -2
पैदल चलकर के आये है ,तेरे द्वार मैया जी2
हे माँ ममता दिखलाओ, अब तो करुणा बरसाओ-2
बहने दो अपनी कृपा की-2 रसधारमैयाजी-2
तुम लक्ष्मी काली दुर्गा, जगदम्बा तू महामाया – 2
बड़ी बीच भवर में नैया था-2 करदो पार मैयाजी
अब पार मैयाजी
बड़ी आस लगाकर आये—–
विनंती अपने भक्तो की——