अर्हम अर्हम की वंदना फले,अर्हम अर्हम की वंदना फले
अर्हम की वंदना फले
जीवन विकास हो, मन में सुवास हो, देखो दीपक से दीपक जले ।
विद्या के पावन मंदिर में सच्ची शिक्षा हम पाएं,
सदाचार के सुन्दर पथ पर कदम-कदम बढ़ते जाएं ।
चाहे रात या प्रभात हो भले ।।
हम सारे हैं भाई-भाई भ्रातृभाव से सदा बढ़ें,
अपना संयम अपने द्वारा, अनुशासन का पाठ पढ़ें ।
कभी कोई न हमको छले ।।
हम हैं अपने भाग्य विधाता खुद अपना निर्माण करें, विद्या और विनय के द्वारा युग-धारा में प्राण भरें ।
श्रम के सांचे में जीवन ढले ।।
त्याग-तपस्या की सौरभ से मन-उपवन को महकाएं, धर्म समाज देश हित हम, सर्वस्व निछावर कर पाएं ।
नित उजला प्रकाश निकले ।।
GYANSHALA GEET