(तर्ज – चुड़ी जो खनकी हाथ में)
देखी जो तपसण सामने- 2 , याद तपस्या की आने लगी हाय धीरे-2 मेरे मन में -२
* मन करता है नौकारसी करु, मन करता है पौरसी करू देखु जो प्याली सामने, याद चाय की आने लगी,हाय धीरे-2 मेरे मन में -२
-मन करता है उपवास करु, मन करता है बेला करू
देखु जो थाली सामने याद भोजन की आने लगी ,हाय धीरे-2 मेरे मन में -२
मन करता है दर्रशन करु मन करता है व्याख्यान सुनु देखु जो गर्मी के सामने याद AC की आने लगी. हायधीरे-2 मेरे मन में -२
मन करता है सामायिक करूं मन करता है संवर करु
देखु जो टीवी- सामने याद सीरियल की आने लगीहायधीरे-2 मेरे मन में -२
मन करता है प्रतिक्रमण करू मन करता है पौषध करू देखु जो मच्छर सामने याद पंखे की आने लगीहायधीरे-2 मेरे मन में -२