हे महाश्रमण युगनायक
(लय-जहाँ डाल-2 पर सोने की चिड़िया)
जन-2 के मन में व्याप्त तिमिर के तुम हो मुक्ति प्रदायक हे महाश्रमण युगनायक, हे महाश्रमण युगनायक
दो महापुरुषो की दिव्य दृष्टि ने तेरा रूप निखारा
जय महाश्रमण जय महाश्रमण जय महाश्रमण जय महाश्रमण
दो महा पुरुषों की दिव्य-दृष्टि ने तेरा रूप निखारा
युग की वलका को थमा तुम्हे, जन-2 का भाग्य संवारा-2 जीवन धारा के प्राण त्राण तुम तेरापंथ अधिनायक
हे महाश्रमण युगनायक –
दीनो दुखियों की हर कुटिया तक तेरे चरण बढ़े है
जय महाश्रमण——
तेरे शीतल आभालय में, नूतन अध्याय जुड़े हैं-2
हिंसा से तप्त अशांत विश्व में तुम हो शांति प्रदायक
हे महाश्रमण युग नायक -2
अर्हत वांग्मय से अनुप्राणित विभुवर तेरे प्रवचन है। है।
जय महाश्रमण जयमहाश्रमण–
तेरे वचना मृत को पाकर पुलकित जनमन जीवन है पुलिकत जन मन जीवन है।
तीर्थकर के प्रतिनिधि हो तुम सत्य सुधा संगायक