Sawali Surat Pe Mohan Dil Diwana Ho Gaya

॥ कृष्ण वन्दना ॥

* सांवली सूरत पे मोहन, दिल दिवाना हो गया। 
दिल दिवाना हो गया, दिल दिवाना हो गया 11 
सांवली सूरत 
* एक तो तेरे नैन तिरछे, दुसरा काजल लगा ।
 तीसरा नजरें मिलाना, दिल दिवाना हो गया 
सांवली सूरत पे 
* एक तो तेरे होंठ पतले, दुसरा लाली लगी। 
तीसरा तेरा मुस्कुराना, दिल दिवाना हो गया ।।
सांवली सूरत 
* एक तो तेरे हांथ कोमल, दूसरा मेंहदी लगी ।
 तीसरा मुरली बजाना, दिल दिवाना हो गया ।।
सांवली 
एक तो पांव नाजुक दूसरा पायल सजी तीसरा घूघरूं बजाना, दिल दिवाना हो गया ।।
सांवली सूरत पे 
* एक तो तेरे भोग छप्पन, दूसरा माखन धरा। तीसरा  का खिचडे का खाना, दिल दिवाना हो गया ।। 
सांवली सूरत पे 
* एक तो तेरे साथ राधा, दूसरा रुक्मन खड़ी । 
तीसरा मीरा का आना, दिल दिवाना हो गया
 सांवली सूरत पे 
* एक तो तुम देवता हो, दुसरा प्रियतम मेरे । 
तीसरा सपनो में आना, दिल दिवाना हो गया 
सांवली सूरत पे
दिल दिवाना हो गया, दिल दिवाना हो गया।
सांवली सूरत पे

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