विदाई की इस बेला में
(लय- ए मेरे वतन के लोगों)
विदाई की इस बेला में ये अंखियां भर-भर आई।
प्राणों से प्यारे सतिवर, देती मैं आज विदाई ॥
① स्वागत में मिलजुल हमने, खुशियों को दीप जलाए । अभिनन्दन के गीत सभी ने, मधुर मधुर थे गाये थे
घडिया अनचाही सी, आई क्यू बिना बुनाई ॥
प्राणो से प्यारे
जब आप पधारे सतिवर, हम फूले नहीं समाए
अमृत सी कल्याणी वाणी, सुनकर के पुन्य कमाये !
जन-जन के मन्दिर में सद्ज्ञान ज्योति जलाई॥
प्राणी से प्यारे सतिवर
भूलें जो हुई हमारी, तुम हमे क्षमा कर देना ।
बढ़ते जाए सत पथ पर एसे गुण तुम भर देना
कन्या मंडल आभारी, तुम सब के मनको भाई ॥
प्राणों से प्यारे सतिवर
भक्ति भाव से अरजी,तुम, हमको भूल न जाना।
जल्दी से जल्दी सतिवर तुम नगर हमारे आना
गण गणपति की सुषमा को चारों दिशी में फैलायी
प्राणो से प्यारे सतिबर…