Oh Desh Mere

ओह देश मेरे, तेरी शानपे सदके कोई धन है क्या, 
तेरी धूलसे बढके तेरी धूप से रौशन, 
तेरी हवा पे जिंदा तू बाग है मेरा, 
मैं तेरा परिंदा है अर्ज यह दीवाने की जहा भोर सुहानी देखी इक रोज वही मेरी शाम हो कभी याद करे जो जमाना माटीपे मार मिट जाना जिकमे शामिल मेरा नाम हो ओह देश मेरे तेरी शान पे सदके…
आचल तेरा रहे मा, रंग बिरंगा ओह उंचा आसमासे,
 हो तेरा तिरंगा जीने की इजाजत देदे या हुकुम शहादत देदे मंजूर हूमे जोभी तू चुने रेशमका हो मधुशाला या कफन सिपाही वाला ओढेंगे हम जो भी तु बुने ओह देश मेरे, तेरी शानपे सदके कोई धन है क्या, तेरी धूलसे बढके
तेरी धूप से रौशन, तेरी हवा पे जिंदा तू बाग है मेरा, मैं तेरा परिंदा

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top